पढ़ाई के लिए कमाने लगे पैसे विक्रांत ने बताया कि उन्होंने 16 साल की उम्र में नौकरी इसलिए शुरू की ताकि अपनी पढ़ाई का खर्च उठा सकें और परिवार की आर्थिक मदद कर सकें।

कैफे में करते थे टेबल साफ मुंबई के यारी रोड स्थित एक कॉफी शॉप में उन्होंने टेबल साफ करने और ग्राहकों की सेवा करने का काम किया। वहीं से उनके संघर्ष की असली शुरुआत हुई।

दोस्त खेलते थे, वह काम पर जाते थे स्कूल के बाद जब उनके दोस्त क्रिकेट और फुटबॉल खेलते थे, तब विक्रांत नौकरी के लिए निकल जाते थे। उस समय अपनी मजबूरी बताने में उन्हें झिझक होती थी।

पहली कमाई ने बढ़ाया हौसला स्कूल के दिनों में एक कैटलॉग शूट के लिए उन्हें पहली बार 200 रुपये मिले। यही छोटी शुरुआत आगे चलकर बड़े सपनों की नींव बनी।

24 साल में खरीदा पहला घर विक्रांत ने सिर्फ 24 साल की उम्र में अपना पहला घर खरीदा। उन्होंने कहा कि इससे उनकी मां का सबसे बड़ा सपना पूरा हो गया।

डांस ग्रुप से मिली पहली नियमित सैलरी दसवीं कक्षा के दौरान विक्रांत ने श्यामक डावर के डांस ग्रुप से जुड़कर काम किया। यहीं से उन्हें हर महीने नियमित कमाई होने लगी।

आज बेटे के भविष्य की कर रहे हैं तैयारी जो कभी कॉलेज फीस के लिए नौकरी करते थे, वही विक्रांत आज अपने बेटे के लिए देश के अच्छे स्कूलों की जानकारी जुटा रहे हैं।

संघर्ष ने बदली सोच उन्होंने माना कि कम उम्र में जिम्मेदारियां उठाने से बचपन जल्दी खत्म हो गया, लेकिन इन्हीं अनुभवों ने उन्हें मजबूत इंसान बनाया।

एयरलाइन की नौकरी भी मिली थी एक समय उन्होंने फ्लाइट पर्सर की नौकरी के शुरुआती दौर भी पार कर लिए थे। लेकिन टीवी में अभिनय का मौका मिलने के बाद उन्होंने अभिनय को चुना।

आज बॉलीवुड के भरोसेमंद अभिनेता हैं संघर्ष भरे सफर के बाद विक्रांत मैसी ने अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई। उनकी कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है।

मेहनत ने बदल दी पूरी जिंदगी 16 साल की उम्र में कैफे में काम करने वाले विक्रांत मैसी आज बॉलीवुड के सफल कलाकारों में गिने जाते हैं। उनका सफर बताता है कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।